ये मेरे उन सारे दोस्तों के लिए है जो मेरे दिल के बहुत close हैं ,
I love all of them......
सोचा नहीं अच्छा बुरा देखा सुना कुछ भी नहीं.,
माँगा खुदा से रात दिन तेरे सिवा कुछ भी।
देखा तुझे सोचा तुझे चाहा तुझे पूजा तुझे ,
मेरी खता मेरी वफ़ा तेरी खता कुछ भी नहीं।
जिया पर हमारी आँख ने मोती बिछाये रात भर
भेजा वही कज़गउसे हमने लिखा कुछ भी नहीं।
एक शाम की दहलीज़ पर बैठे रहे वो देर तक,
आँखों से की बाते बहुत मुंह से कहा कुछ भी नहीं।
दो चार दिन की बात है दिल खाक में सो जायेगा,
जब आग पर कागज़ रखा बाकी बचा कुछ भी नहीं।
अहसास की खुशबु कहा आवाज़ जुगनू कहा,
खामोश यादों के सिवा घर में रहा कुछ भी नहीं।
------------------------------------------------------BASIR BADRA....
It takes a day to find a friend, a moment to lose them but a lifetime to forget them. sahi hai atul bhai.........basir sahab ne sahi farmaya hai....yaadein yaad aati hai batein bhol jatein hai....aur dosti ussi ka ek udahaarn hai
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