Sunday, July 3, 2011

नूराकुश्ती

आज हाल फिलहाल के भारतीय राजनीति की सबसे बड़ी नूरकूश्ति होनेवाली है. इस कुश्ती के चार मुख्य पहलवान है-

पहला- भ्रस्टाचार.

दूसरा- अपने नेता.

तीसरा- देश.

चौथा- हमलोग यानी आमजनता.

लेकिन एक बात तो पक्का है कि फाइनल मुकाबला नेता और भ्रस्टाचार के बीच ही होनी है क्यूकी दोनो बड़े खिलाड़ी है और मजबूत भी, साथ मे बहुत गहरा रिश्ता है. दोनो चाहते है की हमेशा मुक़ाबला इन्ही के बीच हो, जो पहले से फिक्स जैसा दिखता है. इनमे से जीते भले कोई पर फ़ायदा दोनो को होगा. ये दोनो खिलाड़ी बड़े प्रेम से एक साथ रहते है. केवल दिखाने के लिए लड़ते है कि देखो तमाशा की कैसे अपन लड़ते है.

आह..! कितनी सुंदर लड़ाई लड़ते है, किसी को नुकसान ही नही पहुचाते है. भ्रस्टाचार और नेता से हमे सीख मिलती है की कैसे प्रेम से रहा जाए साथ मिलकर, फोकट मे अपन लड़ते रहते है.

पर लोकपाल के आखाड़े मे होने वाली आज की कुश्ती मे अगर नेता या भ्रस्टाचार जीता तो ये देश की आम जनता और देश की हार होगी. दुआ करे उपर वाले से की हमारे नेताओ को थोड़ी मजबूत निर्णय शक्ति दे जिससे एक असरदार लोकपाल बन सके. और हम भ्रस्टाचार जैसे खिलाड़ी को हमेशा के लिए टूर्नामेंट से बाहर कर दे. पर इसमे थोड़ा शक़ है क्यूकी कोई भी मुजरिम अपने लिए तो फाँसी का फंदा तो तैयार नही करता.

तो देखे आज की कुश्ती, हमलोग तो केवल तमाशा ही देख सकते है अभी, कारण आम चुनाव अभी दूर है।